वैरिकोज वेन्स के 10 असरदार घरेलू उपाय | दर्द, सूजन और उभरी नसों से राहत
बवासीर गुदा मार्ग की नसों में सूजन की स्थिति है। यह अंदरूनी या बाहरी हो सकती है। कब्ज, गलत खान-पान और लंबे समय तक बैठना इसके मुख्य कारण माने जाते हैं।
जब व्यक्ति लंबे समय तक कब्ज से जूझता है, तो मल त्याग के दौरान ज़ोर लगाना पड़ता है। इससे गुदा की नसों पर दबाव पड़ता है और बवासीर की समस्या शुरू हो जाती है।
अगर भोजन में हरी सब्ज़ियां, फल और साबुत अनाज कम हों, तो पाचन कमजोर हो जाता है। इससे मल सख्त बनता है और बवासीर का खतरा बढ़ जाता है।
ऑफिस जॉब या लगातार एक ही जगह बैठने की आदत गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव डालती है। इससे धीरे-धीरे बवासीर की समस्या विकसित हो सकती है।
शरीर में पानी की कमी से मल कठोर हो जाता है। इससे मल त्याग कठिन होता है और बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है।
मल के साथ खून आना गुदा क्षेत्र में दर्द या जलन
सूजन या गांठ महसूस होना बैठने में परेशानी
खुजली या असहजता
इसबगोल फाइबर से भरपूर होता है और कब्ज दूर करने में मदद करता है। रात को सोने से पहले गुनगुने दूध या पानी के साथ लेने से मल आसानी से साफ होता है।
एलोवेरा में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। इसका ताज़ा जेल गुदा क्षेत्र पर लगाने से जलन और दर्द में राहत मिलती है।
त्रिफला पाचन सुधारने में बेहद प्रभावी है। रोज़ रात को गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होती है और बवासीर के लक्षण धीरे-धीरे कम होते हैं।
नारियल तेल प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र है। इसे प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली, सूजन और जलन में राहत मिलती है।
मूली का रस पाचन तंत्र को साफ करता है। रोज़ सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से बवासीर में काफी लाभ देखा गया है।
छाछ आंतों के लिए फायदेमंद होती है। इसमें थोड़ा सा नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से पाचन सुधरता है और बवासीर की परेशानी कम होती है।
रात में दो सूखे अंजीर पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट खाएं। इससे मल नरम होता है और मल त्याग में आसानी होती है।
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां पपीता, सेब, नाशपाती
दलिया और ओट्स दही और छाछ
पर्याप्त मात्रा में पानी
बहुत मसालेदार भोजन तली-भुनी चीज़ें
ज्यादा चाय-कॉफी शराब और धूम्रपान
मैदा से बनी चीज़ें
रोज़ समय पर शौच जाएं ज़्यादा देर तक टॉयलेट में न बैठें नियमित हल्का व्यायाम करें
पानी भरपूर मात्रा में पिएं
फाइबर युक्त आहार लें
मूंगदाल की पतली खिचड़ी खाये
अगर घरेलू उपायों के बावजूद दर्द, सूजन या खून आना बंद न हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। देर करने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
हां, शुरुआती अवस्था में सही देसी इलाज, खान-पान और जीवनशैली सुधारने से बवासीर पूरी तरह नियंत्रित हो सकती है।
लगातार खून आना गंभीर संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है।
हर मामले में नहीं। अधिकतर लोग घरेलू उपाय और दवाओं से ठीक हो जाते हैं, ऑपरेशन आखिरी विकल्प होता है।
अगर सही उपाय अपनाए जाएं, तो 2 से 3 हफ्तों में लक्षणों में काफी सुधार देखा जा सकता है।
बवासीर का देसी इलाज सही तरीके से अपनाया जाए, तो यह समस्या काफी हद तक नियंत्रित की
जा सकती है। फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी और घरेलू नुस्खे अपनाकर बिना सर्जरी भी राहत पाई जा सकती है।
यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय या उत्पाद को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
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