दादी माँ के 28 असरदार घरेलू नुस्खे – छोटी-मोटी परेशानियों के लिए आसान उपाय
खांसी के प्रकार किस तरह की खांसी होती है, और हर तरह की खांसी के लिए एक अलग नुस्खा काम करता है
1. सूखी खांसी, जिसे सूखी खांसी भी कहते हैं, गले में खुजली या जलन का कारण होता है।
2. गले में बलगम या म्यूकस जमाव होने पर बलगमी खांसी (Wet Cough)
3. एलर्जिक खांसी: धूल, धुएं या ठंड से होती है
4. क्रॉनिक खांसी: लंबे समय तक रहने वाली खांसी दादी मां के घरेलू खांसी के लिए अचूक देसी नुस्खे
एक चम्मच अदरक का रस लें और उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। दिन में दो बार सेवन करें।
गले की खराश और सूखी खांसी से तुरंत फायदा मिलता है
5 से 6 तुलसी की पत्तियों को उबालकर शहद डालें। गुनगुना होने पर पीना चाहिए। गले के संक्रमण और सूजन को कम करता है।
आधा चम्मच नमक को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं। दैनिक रूप से दो बार गरारे करें। गले के दर्द और सूजन को कम करता है।
एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं। दिन में दो बार पीना चाहिए। यह गले को शांत रखता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
पानी में एक टुकड़ा मुलैठी उबालें, फिर छानकर पिएं। गले का कफ और खराश दूर होता है।
आधा चम्मच हल्दी को एक गिलास दूध में मिलाकर गर्म करें। सोने से पहले इसे पीना चाहिए। सर्दी-खांसी में अत्यधिक प्रभावी है।
आधा चम्मच शहद में काली मिर्च पाउडर मिलाएं। सुबह-शाम खाना चाहिए। कफ को बाहर निकालता है।
गर्म पानी में पुदीना या अजवाइन डालें। पांच मिनट तक भाप लें। सांस की नली खोलकर कफ कम करता है।
1 टेबलस्पून अदरक 2 टेबलस्पून शहद 2 टेबलस्पून नींबू का रस 1 टीस्पून
विधि
अदरक का रस निकालकर शहद और नींबू मिलाएं। दिन में दो बार कांच की बोतल में इसे लें। गले का दर्द और दर्द को तुरंत शांत करें।
सावधानियां (सावधानियां जब घरेलू उपचारों का उपयोग करते हैं)
सात दिनों से अधिक समय तक खांसी जारी रहे तो एक चिकित्सक से परामर्श लें।
धूल, धुएं और ठंडे पदार्थों से बचें। हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पीएं।
सुबह गुनगुना पानी पीना चाहिए। घर को ठंडा रखें। शरीर को सर्दी में ढक कर रखें। संतुलित नींद लें और संतुलित आहार लें।
योग और प्राणायाम— विशेष रूप से, "अनुलोम विलोम"
शहद की प्राकृतिक परत, सूखी खांसी और गले की जलन को तुरंत कम करती है।
हल्दी वाला दूध और तुलसी का काढ़ा बच्चों के लिए फायदेमंद और सुरक्षित हैं।
दिन में एक बार भाप लेना अच्छा है, लेकिन बहुत अधिक लेने से गला सूख सकता है।
यदि आपको अदरक से जलन होती है, तो इसकी मात्रा कम करें।
आइसक्रीम, ठंडी और भुनी चीजों से बचें।
दादी-माँ के ये देसी नुस्खे खांसी को दूर करने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। आप इन तरीकों को अपनाकर दवाओं पर निर्भर हुए बिना स्वस्थ रह सकते हैं। याद रखें कि हर नुस्खे का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के शरीर पर अलग-अलग हो सकता है
, इसलिए सही मात्रा में और नियमित रूप से खाना चाहिए।
यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय या उत्पाद को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
टिप्पणियाँ